बिहार में कितने अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं? हाईकोर्ट ने मांगा था हिसाब, राज्य सरकार जुटा रही आंकड़ा

बिहार में कितने अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं? हाईकोर्ट ने मांगा था हिसाब, राज्य सरकार जुटा रही आंकड़ा

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने सभी जिलों के डीएम और एसपी को पात्र लिख यह निर्देश दिया है कि वे सभी यह जानकारी जुटाए की कितने आईएएस, आईपीएस क्लास वन, क्लास टू स्तर के पदाधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करते हैं।

द दैनिक बिहार, सेंट्रल डेस्क : बिहार में कितने सरकारी दफ्तरों के अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करते हैं? इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने के लिए अब बिहार सरकार आंकड़े जुटाने में लगी हुई हैं। बिहार सरकार ने सभी 38 जिलों में चलने वाले सरकारी स्कूलों में सरकरी अधिकारियो के कितने बच्चे पढ़ते है उसका ब्यौरा तलब किया है। राज्य सरकार की तरफ से इसके लिए सभी जिलों को दिशा निर्देश जारी किया गया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने सभी जिलों के डीएम और एसपी को पात्र लिख यह निर्देश दिया है कि वे सभी यह जानकारी जुटाए की कितने आईएएस, आईपीएस क्लास वन, क्लास टू स्तर के पदाधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करते हैं।

हाई कोर्ट ने मंगा था हिसाब

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव की तरफ से इस संबंध में सभी जिलों के डीएम और एसपी को आदेश पत्र भेज दिया गया है। पत्र में पटना हाई कोर्ट की तरफ से दिए गए दिशानिर्देश की चर्चा भी की गई है। बता दें कि पटना हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को यह निर्देश दिया था कि वह इस बात की जानकारी न्यायलय को सौंपे कि बिहार के सरकारी स्कूलों में कितने आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारियों के बच्चे पढ़ते हैं। हाईकोर्ट ने लिखित तौर पर मुख्य सचिव से सभी जिलाधिकारियों से आंकड़ा इकट्ठा कर बताने का निर्देश दिया था। साथ ही टिप्पणी भी की थी कि जबतक अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे तब तक सरकारी स्कूलों की स्थिति नहीं सुधरने वाली.

4 अगस्त को डाटाबेस की होगी समीक्षा

जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद इसका पूरा डाटाबेस तैयार किया जाएगा। उसके बाद इसका पूरा रिपोर्ट पटना हाई कोर्ट के सामने राज्य सरकार की तरफ से रखा जाएगा। इस मामले में 4 अगस्त को अपर मुख्य सचिव सभी 38 जिलों के डीएम और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माधयम से समीक्षा करेंगे। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलों के द्वारा जो आंकड़े दिए जाएंगे उन आंकड़ों को कोर्ट के सामने रखा जाएगा। इस मामले में सभी जिलों के डीएम और एसपी को सख्त हिदायत दी गई है कि वह इस मामले में लापरवाही ना बरतें।

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