उत्तर प्रदेश चुनाव पर राजद का मंथन, बिहार में मांझी-तेजप्रताप की मुलाकात, क्या दिल्ली में बैठे लालू के इशारे पर हो रहा है…

उत्तर प्रदेश चुनाव पर राजद का मंथन, बिहार में मांझी-तेजप्रताप की मुलाकात, क्या दिल्ली में बैठे लालू के इशारे पर हो रहा है…

आज अचानक से जीतन राम मांझी और तेज प्रताप की मुलाकात हो जाती है। दोनों में बंद कमरे में 40 मिनट बातचीत चलती है। उधर उत्तर प्रदेश के चुनाव में लालू यादव के एंट्री की खबर आती है। राजद नेता भी वीरेंद्र कहते है कि लालू यादव के पटना लौटते ही बिहार में सरकार बदल जाएगी। लालू यादव का जेल से छूटना और सियासत का तेज होने, एक साथ हो रहा है। क्या लालू यादव दिल्ली में बैठकर यह सब करवा रहे है!

काजल तिवारी, द दैनिक बिहार : राज़द सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव आज अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं. लालू परिवार के साथ पूरे राज़द महकमा में आज खुशी का माहौल है। क्योंकि तक़रीबन 4 साल बाद वो जेल से बाहर अपना जन्मोत्सव मना रहे हैं. राज़द कार्यकर्ता और नेता इसे ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में मना रहे हैं. आज सभी प्रखंडों में लालू रसोई का आयोजन भी किया गया हैं। हालांकि, लालू प्रसाद यादव अभी अपनी बेटी मीसा भारती के पास दिल्ली में ही हैं। साथ ही उनकी पत्नी राबड़ी देवी भी हैं। उनके प्रशंसक जल्द से जल्द उन्हें बिहार में देखना चाहते हैं.

बिहार की सियासत में क्या बदलाव होने वाला है
लालू यादव को बिहार राजनीति का ‘किंग मेकर’ कहा  जाता हैं. लगातार तीन दशकों से लालू  यादव का बिहार की राजनीति में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दखल रहा हैं. वो जेल में रहने के बावजूद बिहार की सियासत से अलग नहीं थे. जेल रहने के दौरान सोशल मीडिया के जरिए लगातार वो सरकार को घेरते रहें हैं. लालू यादव की जमानत को लेकर मनेर से विधायक और पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता भाई वीरेंद्र कहते हैं कि पौने चार साल बाद लालू यादव जेल से बाहर आए हैं, तो साफ है कि राजनीति नए सिरे से बदलते दिखेगी. भाई वीरेंद्र ने पहले भी कहा था कि लालू यादव के पटना लौटते ही बिहार में सरकार बदल जाएगी।

बंगाल चुनाव के बाद अब उत्तर प्रदेश से लगी आस..
राज़द नेता भाई वीरेंद्र के बताते हैं कि बंगाल चुनाव के बाद अब सबका ध्यान उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है। इसे लेकर भाजपा की ओर से भी तैयारी जोरों पर हैं. तो जाहिर हैं लालू यादव इसमें पीछे नहीं रहेंगे क्योंकि पिछले बार भी उन्होंने अखिलेश यादव का भरपूर साथ दिया था. और चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी के साथ समाजवादी पार्टी के गठबंधन का प्रयास भी किया. तो इस बार  लालू उत्तर प्रदेश चुनाव में किस तरह के किरदार में नज़र आयेंगे देखना काफ़ी  दिलचस्प होगा. साथ ही यह भी कयास लगाया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश चुनाव में लालू यादव प्रचार भी करेंगे। चुकी उत्तर प्रदेश चुनाव का सीधा असर बिहार की राजनीति पर पड़ता है, इसलिए वहां लालू यादव अखिलेश यादव की मदद करेंगे ही करेंगे। फिर उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण भी बहुत खफा चल रहे है भाजपा से, ऐसे में ब्राह्मण वोट को साधने पर भी अखिलेश की नज़र बनी हुई है।

मांझी और साहनी से जुड़ सकती हैं साठ-गांठ
बिहार में महागठबंधन छोड़ एनडीए में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश साहनी से भी लालू यादव किसी तरह का साठ-गांठ जोड़ सकते हैं. क्योंकि जेल में रहने के दौरान भी लालू यादव ऐसा कर चुके हैं. बिहार की राजनीति में एक बार फिर से कोई बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. और साथ ही साथ महागठबंधन में भी बदलाव हो सकता है. क्योंकि, विधानसभा चुनाव के समय यह देखने को  मिला था कि किस तरह की से महागठबंधन ने वामदलों को भी अपने में मिला लिया. आज ही राजद कार्यालय से लौटते वक्त अचानक तेज प्रताप यादव पहुंच गए थे जीतन राम मांझी के आवास पर जहां दोनों की 40 मिनट तक बंद कमरे में गुफ्तगू चली। हालांकि दोनों ने मीडिया से साफ कहा कि ये एक औपचारिक मुलाकात भर थी। पर इस मुलाकात से एनडीए खेमे में बौखलाहट तो जरूर बढ़ गई है।

लालू पर वोट बैंक बचाने की चुनौती!
लालू यादव ने शुरुआती दिनों से ही यादवों के साथ -साथ मुस्लिम वोट को भी अपने पक्ष में रखा. और इसी पर अब बिहार की सत्तारूढ़ दल एनडीए की नजर टिकी हुई है. तो कहीं- ना -कहीं लालू यादव के सामने बिहार में अपनी बैंक बचाने की भी बड़ी चुनौती हैं. अब कोरोना खत्म हो रहा है और जल्द से जल्द लालू यादव के बिहार आने की उम्मीद जतायी जा रही है।

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