पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर उठाए सवाल, बोले- रामायण की कहानी को वो सही नहीं मानते…

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर उठाए सवाल, बोले- रामायण की कहानी को वो सही नहीं मानते…

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने रामायण को लेकर दिया विवादित बयान. उन्होंने प्रभु श्रीराम के अस्तित्व उठाये सवाल. साथ ही मांझी ने श्रीराम की ऐतिहासिकता को मानने से किया इनकार. उनका कहना है कि, वे रामायण की कहानी को सत्य नहीं मानते.

द दैनिक बिहार, डेस्क : पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने रामायण को लेकर विवादित बयान दिया. उन्होंने प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाये. बता दें कि, मध्य प्रदेश की तर्ज पर बिहार में रामायण पढ़ाने की भाजपा की मांग पर जीतन राम मांझी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि, वे रामायण की कहानी को सही नहीं मानते हैं. वो प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि, राम को कहा जाए कि कोई महापुरुष थे और जीवित थे इस चीज को भी हम नहीं मानते हैं.


वही, जीतन राम मांझी के इस विवादित बयान पर भाजपा नेता प्रेमरंजन पटेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि, रामायण को कोई मिटा नहीं सकता है. पहले यूपीए की सरकार ने अस्तित्व पर सवाल उठाया. जबकि, अयोध्या में पुरात्तव विभाग ने जब खनन किया तो भगवान राम के मंदिर के अस्तित्व होने का प्रमाण मिला. और तब ही सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण की स्वीकृति दे दी.

राम की सत्यता को नासा ने भी किया हैं स्वीकार- प्रेमरंजन पटेल

मालूम हो कि, भाजपा नेता प्रेमरंजन पटेल ने कहा कि, भगवान राम को कोई नकार नहीं सकता. और सदियोंं से ये चलती आ रही है कि घर-घर में लोग भगवान राम की पूजा करते है. उन्होंने कहा कि, जो इस तरह का बयान दे रहे हैं वैसे लोगों को पूरे रामायण को पढ़ने की जरूरत है. अगर वो रामायण पढ़ लेंगे तब इस तरह का बयान कभी नहीं देंगे. ये करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है। प्रेमरंजन पटेल ने कहा कि, इसके साथ खिलवाड़ करने का अधिकार किसी को नहीं है. जो रामायण पढ़ेगा उसे इस बात की पूरी जानकारी मिलेगी की भगवान राम कौन थे? मर्यादा पुरुषोत्तम राम के ऊपर कोई सवाल नहीं उठा सकता? नासा ने भी इसकी सत्यता को स्वीकार किया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *