ब्राह्मण का अपमान और तिरस्कार करने की क्षमा नहीं मिलती : गुप्तेश्वर पांडेय

ब्राह्मण का अपमान और तिरस्कार करने की क्षमा नहीं मिलती : गुप्तेश्वर पांडेय

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि आपका गुण क्या है यह आपके साथ और संगठन पर निर्भर करता है। अगर तमोगुणी लोगों के साथ रहेंगे, तो आपके अंदर तमोगुण की बढ़ोतरी होगी। आप खुद को कितना भी रोके, साथ में असर पड़ना तय है।

द दैनिक बिहार, सेंट्रल डेस्क : बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी जाति के पारंपरिक कार्य में व्यस्त हो गए है। पूर्व डीजीपी भागवत कथावाचक बन गए है। इन दिनों गुप्तेश्वर पांडेय का समय वृंदावन में गुज़र रहा है। वहां पर वो श्रीमद्भागवत पुराण के कथा का पाठ कर रहे है। इसी बीच शुक्रवार को उन्होंने ब्राह्मणों पर अपना मत रखा। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण का अपमान और तिरस्कार की क्षमा नहीं मिलती। आगे उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप ब्राह्मणों से भय नहीं खाते तो हो सकता है आप संस्कारी न हो। क्योंकि संस्कारी लोगों को ब्राह्मण से डर लगता है।

ब्राह्मणों की पूजा होनी चाहिए

गुप्तेश्वर पांडेय ने अपनी कथा सुनाने के दौरान ब्राह्मणों पर यह बात कही। उन्होंने बताया कि सतोगुण और तपोगुण के कारण ही आदिकाल से ब्राह्मण की पूजा होते रही है। पूर्व डीजीपी इन दिनों वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित पराशर अध्यात्म ट्रस्ट में श्रीमद्भागवत का प्रवचन कर रहे है। उन्होंने कहा कि आपका गुण क्या है यह आपके साथ और संगठन पर निर्भर करता है। अगर तमोगुणी लोगों के साथ रहेंगे, तो आपके अंदर तमोगुण की बढ़ोतरी होगी। आप खुद को कितना भी रोके, साथ में असर पड़ना तय है। हम जब समाज और संगठन की बात करते है तो इसके पीछे मुख्य उद्देश्य है कि आप किस तरह के समाज और जीव के साथ रहते है।

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