गंगा समेत 4 नदियां खतरे के निशान के ऊपर, फतुहा में रिंग बांध टूटा, पटना में बाढ़ को लेकर अलर्ट

गंगा समेत 4 नदियां खतरे के निशान के ऊपर, फतुहा में रिंग बांध टूटा, पटना में बाढ़ को लेकर अलर्ट

पुनपुन नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 2.16 मीटर बढ़ गया है जबकि दरधा नदी का जलस्तर 1.70 मीटर बढ़ा है। पटना की गंगा का जलस्तर बढ़ने से कुर्जी मोड़ के पास स्थित बिंद टोली का संपर्क बाकी इलाकों से टूट गया है। वहीं दारधा नदी का पानी कोल्हाचक, सतपरसा, गुलरिया, रूपसपुर आदि इलाकों में तटबंध के ऊपर से बह रहा है, जिससे डर का माहौल है।

द दैनिक बिहार, सेंट्रल डेस्क : एक बार फिर से राजधानी पटना में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पटना जिले की 4 नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी है। गंगा समेत पुनपुन, दरघा और कररूआ जैसी नदियों का भी जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर चला गया है। वहीं कोइलवर के पास सोन नदी का जलस्तर भी बहुत तेजी के साथ बढ़ रहा है। अब ऐसे में जैसे-जैसे नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है वैसे ही तटबंध के ऊपर दबाव भी बढ़ता जा रहा है और इस कारण कई इलाकों में पानी घुस गया है। एनएच 31A पर दनियावां के आस-पास के इलाकों में बाढ़ का पानी सड़क पर चढ़ गया है। तो राजधानी पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गांधी घाट पर खतरे का निशान 48.60 मीटर है और यहां गंगा का जलस्तर आज सुबह 48.66 मीटर जा पहुंचा है। और अनुमान है कि आज इसमें और ज्यादा इजाफा हो सकता है। बताया जा रहा है कि 4 अगस्त तक गंगा का जलस्तर यहां लगभग 50 मीटर के आसपास पहुंच सकता है।

बढ़ते जलस्तर के चलते ये इलाके हुए प्रभावित

नदियों के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के कारण पटना के बहुत से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुसने लगा है। बात करे पुनपुन नदी की तो इसके जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 2.16 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि दरधा नदी का जलस्तर 1.70 मीटर बढ़ा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण कुर्जी मोड़ से पास स्थित बिंद टोली का संपर्क शहर के बाकी इलाकों से टूट गया है। जबकि दारधा नदी का पानी कोल्हाचक, सतपरसा, गुलरिया, रूपसपुर जैसे इलाकों में तटबंध के ऊपर से होते हुए अब घरों में घुस रहा है। तटबंध की मरम्मती का काम प्रशासन की तरफ से किया जा रहा है लेकिन बावजूद इसके कई इलाकों में पानी घुस चुका है। स्थिति ऐसी है कि दनियावां-बिहारशरीफ के बीच जो एनएच है, वहां पर गाड़ियों का परिचालन बंद कर दिया गया है। फल्गु की सहायक नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि ने इस इलाके में पड़ने वाले एनएच को जलमग्न कर दिया है। उधर मसौड़ी प्रखंड के निचले गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *