यूपी में सियासी उठापटक का दौर जारी ! अखिलेश यादव से मिले बसपा के बागी विधायक…

यूपी में सियासी उठापटक का दौर जारी ! अखिलेश यादव से मिले बसपा के बागी विधायक…

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए बनते माहौल के बीच प्रदेश में राजनीतिक उठापटक का दौर जारी हैं। उत्तर प्रदेश में बसपा के बागी विधायक असलम राइनी सहित छह विधायक मंगलवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले लखनऊ में उनके आवास पर पहुंचे।

रिया पांडेय, द दैनिक बिहार : एक तरफ जहां बिहार में लोकजनशक्ति पार्टी में हंगामा मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में भी बसपा विधायकों की वजह से सूबे में सियासत का तापमान बढ़ चुका है। लखनऊ में मंगलवार को बसपा के बागी विधायकों ने सपा मुख्यालय पर अखिलेश यादव से मुलाकात की। इसके बाद कयासों का दौर शुरू हो गया कि ये सभी विधायक सपा में शामिल होंगे। हालांकि, ये विधायक राज्यसभा चुनाव के दौरान भी अखिलेश से मिले थे और सपा में आने की खूब चर्चा हुई थी। इस मुलाकात पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

क्या पार्टी में शामिल होंगे बसपा विधायक?
भाजपा विधायकों के समाजवादी पार्टी में शामिल होने पर अभी संशय बना हुआ है। इनके राह में दल बदल कानून का रोड़ा है। ये सपा विधायक दल मंडल में भी शामिल नहीं हो सकते हैं। इसके लिए पहले विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपना पड़ेगा। ऐसे में सपा के रणनीतिकार चाहते हैं कि विधान परिषद चुनाव से पहले किसी तरह की बाधा ना आए। संभावना है कि विधान परिषद चुनाव के बाद ही अगला कदम आगे बढ़ाएंगे। बसपा विधायकों का समर्थन मिलने के बाद समाजवादी पार्टी 3 विधान परिषद सदस्य आसानी से जीत लेगी।

बसपा विधायकों के कौन से नेताओं ने की अखिलेश से मुलाकात
असलम राईनी (विधायक, भिनगा- श्रावस्ती) , मुज्तबा सिद्दीकी (विधायक, प्रतापपुर- इलाहाबाद), हकीम लाल बिंद (विधायक ,हंडिया -प्रयागराज), हरगोविंद भार्गव (विधायक, सिधौली- सीतापुर), असलम अली चौधरी (विधायक, ढोलाना- हापुर), सुषमा पटेल विधायक, मुंगरा बादशाहपुर)

पार्टी के लोगों को कैडर पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए- मायावती
उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पार्टी कार्यकर्ताओं से पार्टी के लोगों को कैडर पर ज्यादा भरोसा करने की बात कह चुकी है। पिछले शनिवार को बसपा के उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं से विमर्श के बाद अपने संबोधन में मायावती ने बसपा की राजनीतिक व सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ सर्वसमाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने पर जोर दिया था। बसपा मुख्यालय से जारी बयान के अनुसार मायावती ने कार्यकर्ताओं से दो टूक कहा,” पार्टी के लोगों को कैडर पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए न कि उन नेताओं पर जो परम पूज्य बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर व मान्यवर कांशीराम का नाम तो लेते हैं, लेकिन निजी स्वार्थ को इतना महत्व दे देते हैं कि पार्टी व मूवमेंट को भी आघात लगाने से नहीं हिचकते और बिक जाते हैं. बसपा प्रमुख ने कहा,”अंततः ऐसे लोग पार्टी से ज्यादा अपना ही अहित करते हैं. भले ही इसका एहसास उन्हें बाद में होता है. ऐसे लोगों से सावधानी बनाए रखना जरूरी है।

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